शेर.. शायरी.. गीत..

मेरा संग्रह.. कुछ नया-कुछ पुराना..

आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..

 आसमां के नीचे..

आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..


आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..

–Jewel Thief
इसे “सुनें

दिसम्बर 7, 2007 Posted by | गीत, हिन्दी | 1 टिप्पणी