शेर.. शायरी.. गीत..

मेरा संग्रह.. कुछ नया-कुछ पुराना..

क्या लिखूँ..??

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कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ..
या दिल का सारा प्यार लिखूँ..

कुछ अपनो के ज़ाज़बात लिखूँ या सापनो की सौगात लिखूँ..
मै खिलता सुरज आज लिखूँ या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ..

वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की सांस लिखूँ..
वो पल मे बीते साल लिखूँ या सादियो लम्बी रात लिखूँ..

सागर सा गहरा हो जाऊं या अम्बर का विस्तार लिखूँ..
मै तुमको अपने पास लिखूँ या दूरी का ऐहसास लिखूँ..

वो पहली -पहली प्यास लिखूँ या निश्छल पहला प्यार लिखूँ..
सावन की बारिश मेँ भीगूँ या मैं
आंखों की बरसात लिखूँ..

कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ..
या दिल का सारा प्यार लिखूँ..

दिव्य प्रकाश..

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मई 13, 2007 - Posted by | कविता, हिन्दी

27 टिप्पणियाँ »

  1. Hi handsome…
    या तो तुमने बहुत दिनों बाद लिखा है या मैं पधार राहा हूँ… बहुत अच्छी प्रस्तुति है…।
    लिखते रहो…।

    टिप्पणी द्वारा divyabh | मई 15, 2007 | प्रतिक्रिया

  2. chha gai boss

    टिप्पणी द्वारा yogesh gupta | जुलाई 4, 2007 | प्रतिक्रिया

  3. Dhanywad apka jo apne meri kavita ko iss yogya samjha ki wo Gopal das neeraj ji ki kavita ke aas pass hai ,
    thoda sa edit kar lijiye author unknown ki jageh ,mera nam divya prakash hai !!!

    टिप्पणी द्वारा Divya Prakash | दिसम्बर 5, 2007 | प्रतिक्रिया

  4. शुक्रिया.. आप सभी का.. 🙂

    टिप्पणी द्वारा Raj Gaurav | दिसम्बर 6, 2007 | प्रतिक्रिया

  5. बहुत अच्छी कविता हैं thanks for sharing 🙂

    टिप्पणी द्वारा nitin | मई 13, 2008 | प्रतिक्रिया

  6. कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ..
    या दिल का सारा प्यार लिखूँ..

    कुछ अपनो के ज़ाज़बात लिखूँ या सापनो की सौगात लिखूँ..
    मै खिलता सुरज आज लिखूँ या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ..

    वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की सांस लिखूँ..
    वो पल मे बीते साल लिखूँ या सादियो लम्बी रात लिखूँ..

    सागर सा गहरा हो जाऊं या अम्बर का विस्तार लिखूँ..
    मै तुमको अपने पास लिखूँ या दूरी का ऐहसास लिखूँ..

    वो पहली -पहली प्यास लिखूँ या निश्छल पहला प्यार लिखूँ..
    सावन की बारिश मेँ भीगूँ या मैं आंखों की बरसात लिखूँ..

    कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ..
    या दिल का सारा प्यार लिखूँ

    टिप्पणी द्वारा anurag | दिसम्बर 27, 2008 | प्रतिक्रिया

  7. bahut khoob likha hai aapne…aap tareef ke haqdar hai…likhte rahiye…meri tareh kai logo ko sukoon milega aap ki kavita pard kar

    टिप्पणी द्वारा kavita | जनवरी 13, 2009 | प्रतिक्रिया

  8. tourcher na kia apne pasand aaya
    hmmmmm…..

    टिप्पणी द्वारा reena | नवम्बर 18, 2010 | प्रतिक्रिया

  9. wah yaar kya likhu me sab likh diya gazab

    टिप्पणी द्वारा dharmendra | दिसम्बर 10, 2010 | प्रतिक्रिया

  10. ye phadhne ke bad mere pas tarif ke liye alfaj nahi hai.
    thank u.

    टिप्पणी द्वारा bhushan joshi | मार्च 18, 2011 | प्रतिक्रिया

  11. दिल को छुइ यह कविता

    टिप्पणी द्वारा kartar | जून 10, 2011 | प्रतिक्रिया

  12. NICE POEM

    टिप्पणी द्वारा TILAK | जनवरी 1, 2012 | प्रतिक्रिया

  13. I most iick you

    टिप्पणी द्वारा rajandra mohan sharma | मार्च 20, 2012 | प्रतिक्रिया

  14. hme to bahut hi achchhi a kavita..va va irsad!

    टिप्पणी द्वारा anurag rai | मई 7, 2012 | प्रतिक्रिया

  15. very good bahut sundar rachana hi

    टिप्पणी द्वारा smita | मई 9, 2012 | प्रतिक्रिया

    • very very excellent poem dil ko chhu gai app bhi kavita ki hi tarah sunder and beauty full ho

      टिप्पणी द्वारा jc gupta | मई 28, 2012 | प्रतिक्रिया

  16. […] क्या लिखूँ..?? […]

    पिंगबैक द्वारा Yaadein.. Tumse Khafa hai Hum | Muskan | जून 12, 2012 | प्रतिक्रिया

  17. यह एक अच्छी कविता है।

    टिप्पणी द्वारा vipulpratap | जून 14, 2012 | प्रतिक्रिया

  18. koi hasrat jab janm leti hai ya jab dum tod deti hai,
    ho shakal kaisi bhi, rishto ko shabdo se jod deti hai,
    aapne bhavnao ko ache chando me bandha hai, pl. kuch aur share kijiye.

    टिप्पणी द्वारा ritesh rajput | अगस्त 11, 2012 | प्रतिक्रिया

  19. हमें आपकी कविता बहुत अच्छी लगी इसे मैंने अपने फेसबुक पर भी डाला है

    टिप्पणी द्वारा sunil singh | दिसम्बर 25, 2012 | प्रतिक्रिया

  20. wakayi yah bahot hi sundar kavita hai..

    टिप्पणी द्वारा Kundan Shukla | जनवरी 18, 2013 | प्रतिक्रिया

  21. Nice Blog

    टिप्पणी द्वारा Sharad singh Sankhla | जून 18, 2013 | प्रतिक्रिया

  22. please sir itna ki

    टिप्पणी द्वारा Mangesh yadav | फ़रवरी 24, 2014 | प्रतिक्रिया

  23. please sir apna mobile no likhe or call 8173928968

    टिप्पणी द्वारा Mangesh yadav | फ़रवरी 24, 2014 | प्रतिक्रिया

  24. hame apki kavita bahut pasand aayi

    टिप्पणी द्वारा pankaj yadav | मार्च 15, 2015 | प्रतिक्रिया

  25. maine ese apni dayri main likh liya aur whatsup and Facebook par bhi likha

    टिप्पणी द्वारा pankaj yadav | मार्च 15, 2015 | प्रतिक्रिया


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