शेर.. शायरी.. गीत..

मेरा संग्रह.. कुछ नया-कुछ पुराना..

हो सकता है..

 

करके मोहब्बत अपनी खता हो.. ऐसा भी हो सकता है..
वोह अब भी पाबंद-ए-वफ़ा हो.. ऐसा भी हो सकता है..

दरवाजे पर आहट सुनके उसकी तरफ़ ध्यान क्यूं गया..
आने वाली सिर्फ़ हवा हो.. ऐसा भी हो सकता है..
वोह अब भी पाबंद-ए-वफ़ा हो.. ऐसा भी हो सकता है..

अर्ज़-ए-तलब पे उसकी चुप से ज़ाहिर है इंकार मगर..
शायद वो कुछ सोच रहा हो.. ऐसा भी हो सकता है..
वोह अब भी पाबंद-ए-वफ़ा हो.. ऐसा भी हो सकता है..

खून-ए-तमन्ना करना उसका शेवा है मंज़ूर मगर..
हांथ मे उसके रंग-ए-हिना हो.. ऐसा भी हो सकता है..
वोह अब भी पाबंद-ए-वफ़ा हो.. ऐसा भी हो सकता है..

करके मोहब्बत अपनी खता हो.. ऐसा भी हो सकता है..
वोह अब भी पाबंद-ए-वफ़ा हो.. ऐसा भी हो सकता है..

—Author Unknown..

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जनवरी 28, 2007 - Posted by | शायरी, हिन्दी

10 टिप्पणियाँ »

  1. सुंदर शायरी पेश करने के लिए बधाई…जिसने भी कहा है बड़े दिल से कहा है!

    टिप्पणी द्वारा Divyabh | जनवरी 28, 2007 | प्रतिक्रिया

  2. Bahut hi pyari gazal
    now i am big fan of your blog…

    टिप्पणी द्वारा Nitin | जनवरी 28, 2007 | प्रतिक्रिया

  3. सुन्दर गजल

    टिप्पणी द्वारा Shrish | जनवरी 28, 2007 | प्रतिक्रिया

  4. भाड में गया गम,
    रोना कर कम,
    दम मारो दम।

    फोड खुशी के बम,
    पी सोडा या रम,
    मत कर आँखे नम,
    दम मारो दम।

    गम ना होंगे कभी कम,
    ना जाएंगे कभी थम,
    है अगर तुझमे दम,
    तो क्या है फिर ये गम,
    दम मारो दम।

    तो गुरू… हो जाओ शुरू…

    टिप्पणी द्वारा aMIT | मई 19, 2007 | प्रतिक्रिया

  5. rg

    टिप्पणी द्वारा jagat pal | नवम्बर 13, 2007 | प्रतिक्रिया

  6. अर्ज़-ए-तलब पे उसकी चुप से ज़ाहिर है इंकार मगर..
    शायद वो कुछ सोच रहा हो.. ऐसा भी हो सकता है..

    kya baat bahut sunder

    टिप्पणी द्वारा Shubhashish Pandey | मई 10, 2008 | प्रतिक्रिया

  7. […] हो सकता है.. […]

    पिंगबैक द्वारा santoshkumwar « Santosh kumwr Blog | अगस्त 23, 2010 | प्रतिक्रिया

  8. […] हो सकता है.. […]

    पिंगबैक द्वारा Yaadein.. Tumse Khafa hai Hum | Muskan | जून 12, 2012 | प्रतिक्रिया

  9. तेरे तस्वीर के सामने मेरी तस्वीर रखना,जिंदगी मे हर पल मुझे याद रखना|

    टिप्पणी द्वारा parth kudale | जुलाई 6, 2012 | प्रतिक्रिया

  10. प्यार करनेवाले लोग सपने बहुत देखते है,लेकिन वही लोग सपने पूरे करते है,जो सच्चे प्यार करते है|

    टिप्पणी द्वारा parth kudale | जुलाई 6, 2012 | प्रतिक्रिया


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