यादें.. तेरी यादें..
आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..
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आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..
–Jewel Thief
इसे “सुनें“
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा, तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..
तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
दिल मेरा हर जगह.. बस तुझे ढूंढें यार..
झील, पर्वत, हवायें हैं मेरे गवाह..
शामें हों या सुबह.. हम तुझे ढूढें यार..
आते-जाते ये मौसम हैं सारे गवाह..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..
ये मेहफ़िल, मस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ तन्हाइयां हैं.. जायें जहां..
हां ये शहर, बस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ वीरानियां हैं.. जायें जहां..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..
दिल मेरा पागल याद में तेरी.. खोया रहे हर दम..
बिन तेरे जीना है नहीं आसां, ना है मुम्किन मेरा मरना..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..
Enjoi this beautiful and colourful song from Hisham Abbas..
हम रहें या न रहें कल, कल याद आयेंगे ये पल..
पल ये हैं प्यार के पल.. चल आ मेरे संग चल..
चल सोचें क्या.. छोटी सी है ज़िन्दगी..
कल मिल जायें, तो होगी खुश-नसीबी..
हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे येह पल..
हम रहें या न रहें कल, कल याद आयेंगे ये पल..
पल ये हैं प्यार के पल.. चल आ मेरे संग चल..
चल सोचें क्या.. छोटी सी है ज़िन्दगी..
कल मिल जाये, तो होगी खुश-नसीबी.. हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे ये पल..
शाम का आंचल ओढ के अयी.. देखो वो रात सुहानी..
आ लिखदें हम दोनो मिलके.. अपनी ये प्रेम कहानी..
हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे ये पल..
आने वाली सुबह जाने, रंग क्या लाये दीवानी..
मेरी चाहत को रख लेना, जैसे कोई निशानी..
हम रहें या न रहें.. याद आयेंगे ये पल..
हम रहें या न रहें कल, कल याद आयेंगे ये पल..
पल येह हैं प्यार के पल.. चल आ मेरे संग चल..
चल सोचें क्या.. छोटी सी है ज़िन्दगी..
कल मिल जायें, तो होगी खुश-नसीबी..
हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे ये पल..
———————————————प्यार के पल..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौला..
आंखे तेरी.. इतनी हसीन..
के इनका आशिक मैं बन गया हूं..
मुझको बसाले इनमे तू..
मुझसे ये हर घडी मेरा दिल कहे..
तुम ही हो इसकी आरज़ू..
मुझसे ये हर घडी मेरे लब कहें..
तेरी ही हो सब गुफ़्तगू..
बातें तेरी इतनी हसीन..
मैं याद इनको जब करता हूं..
फ़ूलों सी आये खुश्बू..
रख लूं छुपाके मैं कहीं, तुझको..
साया भी तेरा ना मैं दूं..
रख लूं बनाके कहीं घर मैं तुझे..
साथ तेरे मैं ही रहूं..
जुल्फ़ें तेरी इतनी घनी..
देखके इनको ये सोचता हूं..
साये मे इनके मैं जीयूं..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मौला मेरे.. मौल मेरे..
मेरा दिल येही बोला..
यारा राज़ ये इसने है मुझपर खोला..
के है अश्क-ए-मोहब्बत है जिसके दिल मे..
उसको पसंद करता है मौला मेरा दिल..
यही बोला..
मौला मेरे.. मौला मेरे..
मेरे मौला..
—
हां दीवाना हूं मैं.. हां दीवाना हूं मैं..
गम का मारा हुआ.. एक बेगाना हूं मैं..
मांगी खुशियां मगर, गम मिला प्यार में..
दर्द ही भर दिया, दिलके हर तार में..
आज कोई नहीं, मेरा संसार में..
छोड के चल दिये, मुझको मझदार में..
हाय, तीर-ए-नज़र का निशाना हूं, मैं..
हां दीवाना हूं मैं.. हां दीवाना हूं मैं..
गम का मारा हुआ.. एक बेगाना हूं मैं..
हां दीवाना हूं.. मैं..
मै किसी का नहीं, कोई मेरा नहीं..
इस जहां मे कहीं भी, बसेरा नहीं..
मेरे दिन का कहीं भी, अंधेरा नहीं..
मेरी छांव का है सवेरा नहीं..
हाय, भूला हुआ एक फ़साना हूं, मैं..
हां दीवाना हूं मैं.. हां दीवाना हूं मैं..
गम का मारा हुआ.. एक बेगाना हूं मैं..
हां दीवाना हूं.. मैं..
— “इसे सुनें“
Mukesh Chand Mathur
Mukesh Chand Mathur was born in Delhi in 1923. In 1951 music director Anil Biswas offered him a chance to sing for the film Pehli Nazar. Dil jalta hai to jalne de was an instant success. The young singer with the golden voice was on his way to becoming a legend in the Indian film music arena. His emotional performances and the depth of his intonation gave a new range to popular Hindi music.
Composer Salil Chowdhury felt that “each word from his lips was a pearl. No one could sing the way Mukesh did with the right diction, inflexion and intonation. His vocal timbre was out of this world.”
Mukesh died suddenly while on a tour of the U.S. in 1976.
— text courtesy PBS
आंखे बंद करलूं जो मैं.. देखूं बस तुम्हें..
ख्वाबों में ही कह सकता हूं, अपना तुम्हें..
रहने दे, मेरा ये वहम, येही यकीन..
ना जा अभी..
प्यार की ये रात है, अब ना जा..
छोटी सी एक बात है.. अब ना जा..
तुम्ही से हैं मेरी नीदें, ना भी हों तो क्या..
तुम्ही से हैं मेरी बातें, ना भी हों तो क्या..
केहने दे, तारों को कहानी अनकही..
ना जा अभी..
प्यार की ये रात है, अब ना जा..
छोटी सी एक बात है.. अब ना जा..
पल दो पल का साथ है.. अब ना जा..
जादू सी ये रात है.. अब ना जा.. अब ना जा..
आखें लें प्यार की बूदें, बिखरे से कई सवाल..
आखों मे कितने मौसम, पल मे बीते कितने साल..
बेहने दे जहां भी ले जाये ज़िन्दगी..
ना जा अभी..
प्यार की ये रात है, अब ना जा..
छोटी सी एक बात है.. अब ना जा..
पल दो पल का साथ है.. अब ना जा..
जादू सी ये रात है.. अब ना जा..
अब ना जा.. अब ना जा..
—————————————— Euphoria..
![]()
हज़ूर आपका भी एह्तराम करता चलूं..
इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं..
निगाह-ए-दिल की येही आखिरी तमन्ना है..
तुम्हारी ज़ुल्फ़ के साये मे शाम करता चलूं..
हज़ूर आपका भी एह्तराम करता चलूं..
उन्हे येह ज़िद है कि मुझे देखकर किसी और को ना देख..
मेरा येह शौक, कि सबसे कलाम करता चलूं..
इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं..
ये मेरे ख्वाबों की दुनिया नहीं, सही..
अब आ गया हूं तो दो दिन कयाम करता चलूं..
हज़ूर आपका भी एह्तराम करता चलूं..
इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं..
——————————————–शादाब..
“इसे सुनें” जगजीत सिंह..
जैसा कि आप सभी ने देखा होगा.. आम तोर पे लगभग १० मे से ९ लोग शेर-ओ-शायरी के शोकीन होते हैं..
उन ९ लोगों मे से मैं भी एक हूं.. एक अच्छा शेर मेरे लिये एक अच्छे दिन की शुरुवात होता है.. ![]()
मैं भी लिखता हूं.. पर चिन्ता ना करें आपको ऐसा torture नहीं दूंगा मैं यहां पे.. इस ब्लोग पे चुने हुए अच्छे-अच्छे शेर.. शायरी.. या गीत.. लिखने के नेक इरादे से आप सभी का स्वागत करता हूं..
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