शेर.. शायरी.. गीत..

मेरा संग्रह.. कुछ नया-कुछ पुराना..

यादें.. तेरी यादें..

Yaadein..
उन लम्हों को कैसे ज़िन्दा करूं..
सांसें मैं लूं फ़िर भी पल-पल मरूं..
 
यादें.. यादें.. यादें.. तेरी यादें.. यादें.. यादें..
बातें.. बातें.. बातें.. तेरी.. बातें.. बातें.. बातें..
 
हल्की सी आहट हो तो लगे तुम आगये..
क्यूं तन्हा छोडकर मुझको रुला गये..
 
महफ़ूज़ है तू मेरी हर एक याद मैं..
बिखरा हुआ.. हुआ हूं बरबाद मैं..
 
यादें.. यादें.. यादें.. तेरी यादें.. यादें.. यादें..
बातें.. बातें.. बातें.. तेरी.. बातें.. बातें.. बातें..
 
मेहरूम हूं मैं तेरी हर एक बात से..
ना कोई नाता.. अब दिन और रात से..
 
हर लम्हा तड्प, हर लम्हा तेरी प्यास है..
जब से मैं हूं जुदा तेरे साथ से..
 
यादें.. यादें.. यादें.. तेरी यादें.. यादें.. यादें..
बातें.. बातें.. बातें.. तेरी.. बातें.. बातें.. बातें..
 
उन लम्हों को कैसे ज़िन्दा करूं..
सांसें मैं लूं फ़िर भी पल-पल मरूं..

A song by - Amit Sana..
Album - Yaadein

May 15, 2008 Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | 1 Comment

पेहली नज़र में..

night-moon.jpg 

पेहली नज़र में.. कैसा जादू कर दिया..
तेरा बन बैठा है, मेरा जिया..
जाने क्या होगा..
क्या होगा.. क्या पता..
इस पल को मिलके.. आ जी ले ज़रा..
मैं हूं यहां.. तू है यहां..
मेरी बाहों मैं आ.. आ भी जा..  


ओ जानेजां.. दोनो जहां.. मेरी बाहों मैं आ.. भूलजा..


हर दुआ मे शामिल तेरा प्यार है..
बिन तेरे लम्हा भी दुशवार है..
धड्कनों को तुझसे ही दरकार है..
तुझसे हैं राहतें.. तुझसे है चाहतें..


तू जो मिली एक दिन मुझे.. मैं कहीं हो गया लापता..


ओ जानेजां.. दोनो जहां.. मेरी बाहों मैं आ.. भूलजा..


कर दिया दीवाना दर्द-ए-कश ने..
चैन छीना इश्क के एह्सास ने..
बेख्याली दी है तेरी प्यास ने..
छाया सुरूर है.. कुछ तो ज़रूर है..


ये दूरियां जीने ना दें.. हाल मेरा तुझे ना पता..


ओ जानेजां.. दोनो जहां.. मेरी बाहों मैं आ.. भूलजा..


Singer: Atif Aslam.


इसे “सुनें” / “देखें

February 16, 2008 Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | 5 Comments

आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..

 आसमां के नीचे..

आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..


आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..

–Jewel Thief
इसे “सुनें

December 7, 2007 Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | No Comments

जीना तेरे बिना..

 tears_1.jpg

जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा, तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..
तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..

दिल मेरा हर जगह.. बस तुझे ढूंढें यार..
झील, पर्वत, हवायें हैं मेरे गवाह..
शामें हों या सुबह.. हम तुझे ढूढें यार..
आते-जाते ये मौसम हैं सारे गवाह..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..

ये मेहफ़िल, मस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ तन्हाइयां हैं.. जायें जहां..
हां ये शहर, बस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ वीरानियां हैं.. जायें जहां..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..

दिल मेरा पागल याद में तेरी.. खोया रहे हर दम..
बिन तेरे जीना है नहीं आसां, ना है मुम्किन मेरा मरना..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..

जीना तेरे बिना..

March 25, 2007 Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | 8 Comments

नारी नारे.. Nari Nare..

Enjoi this beautiful and colourful song from Hisham Abbas..

January 13, 2007 Posted by Raj Gaurav | गीत | | 6 Comments

प्यार के पल..

 clock-uk.jpg

हम रहें या न रहें कल, कल याद आयेंगे ये पल..
पल ये हैं प्यार के पल.. चल आ मेरे संग चल..
चल सोचें क्या.. छोटी सी है ज़िन्दगी..
कल मिल जायें, तो होगी खुश-नसीबी..
हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे येह पल..

हम रहें या न रहें कल, कल याद आयेंगे ये पल..
पल ये हैं प्यार के पल.. चल आ मेरे संग चल..
चल सोचें क्या.. छोटी सी है ज़िन्दगी..
कल मिल जाये, तो होगी खुश-नसीबी..
हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे ये पल..

शाम का आंचल ओढ के अयी.. देखो वो रात सुहानी..
आ लिखदें हम दोनो मिलके.. अपनी ये प्रेम कहानी..

हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे ये पल..

आने वाली सुबह जाने, रंग क्या लाये दीवानी..
मेरी चाहत को रख लेना, जैसे कोई निशानी..
हम रहें या न रहें.. याद आयेंगे ये पल..

हम रहें या न रहें कल, कल याद आयेंगे ये पल..
पल येह हैं प्यार के पल.. चल आ मेरे संग चल..
चल सोचें क्या.. छोटी सी है ज़िन्दगी..
कल मिल जायें, तो होगी खुश-नसीबी..

हम रहें या न रहें.. कल याद आयेंगे ये पल..
———————————————प्यार के पल.. 

इसे “सुनें“/”देखें“..

January 7, 2007 Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | 6 Comments

मौला मेरे.. मौला मेरे..

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मौला मेरे.. मौला मेरे..

मौला मेरे.. मौला मेरे..

मौला मेरे.. मौला..

आंखे तेरी.. इतनी हसीन..

के इनका आशिक मैं बन गया हूं..

मुझको बसाले इनमे तू.. 

 

मुझसे ये हर घडी मेरा दिल कहे..

तुम ही हो इसकी आरज़ू..

मुझसे ये हर घडी मेरे लब कहें..

तेरी ही हो सब गुफ़्तगू..

 

बातें तेरी इतनी हसीन..

मैं याद इनको जब करता हूं..

फ़ूलों सी आये खुश्बू..

 

रख लूं छुपाके मैं कहीं, तुझको..

साया भी तेरा ना मैं दूं..

रख लूं बनाके कहीं घर मैं तुझे..

साथ तेरे मैं ही रहूं..

 

जुल्फ़ें तेरी इतनी घनी..

देखके इनको ये सोचता हूं..

साये मे इनके मैं जीयूं..

 

मौला मेरे.. मौला मेरे..

मौला मेरे.. मौल मेरे..

मेरा दिल येही बोला..

यारा राज़ ये इसने है मुझपर खोला..

के है अश्क-ए-मोहब्बत है जिसके दिल मे..

उसको पसंद करता है मौला मेरा दिल..

यही बोला..

मौला मेरे.. मौला मेरे..

मेरे मौला..

इसे सुनें

December 17, 2006 Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | 2 Comments

भूला हुआ एक फ़साना हूं, मैं.. (मुकेश)

हां दीवाना हूं मैं.. हां दीवाना हूं मैं..

गम का मारा हुआ.. एक बेगाना हूं मैं..

मांगी खुशियां मगर, गम मिला प्यार में..

दर्द ही भर दिया,  दिलके हर तार में..

आज कोई नहीं, मेरा संसार में..

छोड के चल दिये, मुझको मझदार में..

हाय, तीर-ए-नज़र का निशाना हूं, मैं..

हां दीवाना हूं मैं.. हां दीवाना हूं मैं..

गम का मारा हुआ.. एक बेगाना हूं मैं..

हां दीवाना हूं.. मैं..

मै किसी का नहीं, कोई मेरा नहीं..

इस जहां मे कहीं भी, बसेरा नहीं..

मेरे दिन का कहीं भी, अंधेरा नहीं..

मेरी छांव का है सवेरा नहीं..

हाय, भूला हुआ एक फ़साना हूं, मैं..

हां दीवाना हूं मैं.. हां दीवाना हूं मैं..

गम का मारा हुआ.. एक बेगाना हूं मैं..

हां दीवाना हूं.. मैं..

इसे सुनें

Mukesh Chand Mathur Mukesh Chand Mathur

Mukesh Chand Mathur was born in Delhi in 1923. In 1951 music director Anil Biswas offered him a chance to sing for the film Pehli Nazar. Dil jalta hai to jalne de was an instant success. The young singer with the golden voice was on his way to becoming a legend in the Indian film music arena. His emotional performances and the depth of his intonation gave a new range to popular Hindi music.

Composer Salil Chowdhury felt that “each word from his lips was a pearl. No one could sing the way Mukesh did with the right diction, inflexion and intonation. His vocal timbre was out of this world.”

Mukesh died suddenly while on a tour of the U.S. in 1976.

— text courtesy PBS

November 23, 2006 Posted by Raj Gaurav | गीत, शायरी, हिन्दी | | No Comments

अब ना जा..

a night with Moon and Stars.. 

आंखे बंद करलूं जो मैं.. देखूं बस तुम्हें..

ख्वाबों में ही कह सकता हूं, अपना तुम्हें..

रहने दे, मेरा ये वहम, येही यकीन..

ना जा अभी..

प्यार की ये रात है,  अब ना जा..

छोटी सी एक बात है.. अब ना जा..

तुम्ही से हैं मेरी नीदें, ना भी हों तो क्या..

तुम्ही से हैं मेरी बातें, ना भी हों तो क्या..

केहने दे, तारों को कहानी अनकही..

ना जा अभी..

प्यार की ये रात है,  अब ना जा..

छोटी सी एक बात है.. अब ना जा..

पल दो पल का साथ है.. अब ना जा..

जादू सी ये रात है.. अब ना जा.. अब ना जा..

आखें लें प्यार की बूदें, बिखरे से कई सवाल..

आखों मे कितने मौसम, पल मे बीते कितने साल..

बेहने दे जहां भी ले जाये ज़िन्दगी..

ना जा अभी..

प्यार की ये रात है,  अब ना जा..

छोटी सी एक बात है.. अब ना जा..

पल दो पल का साथ है.. अब ना जा..

जादू सी ये रात है.. अब ना जा..

अब ना जा.. अब ना जा..

—————————————— Euphoria..

इसे सुनें” / “इसे देखें

November 12, 2006 Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | No Comments

इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं..

 hello.jpg

हज़ूर आपका भी एह्तराम करता चलूं..

इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं..

निगाह-ए-दिल की येही आखिरी तमन्ना है..

तुम्हारी ज़ुल्फ़ के साये मे शाम करता चलूं..

हज़ूर आपका भी एह्तराम करता चलूं..

उन्हे येह ज़िद है कि मुझे देखकर किसी और को ना देख..

मेरा येह शौक, कि सबसे कलाम करता चलूं.. 

इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं..

ये मेरे ख्वाबों की दुनिया नहीं, सही..

अब आ गया हूं तो दो दिन कयाम करता चलूं..

हज़ूर आपका भी एह्तराम करता चलूं..

इधर से गुज़रा था.. सोचा सलाम करता चलूं..

——————————————–शादाब..

इसे सुनें” जगजीत सिंह..

September 29, 2006 Posted by Raj Gaurav | गीत, गज़ल, शायरी | | No Comments