आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..
…
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आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..
–Jewel Thief
इसे “सुनें“
आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..
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आसमां के नीचे.. हम आज अपने पीछे..
प्यार का जहां बसा के चले.. कदम के निशां बना के चले..
–Jewel Thief
इसे “सुनें“
जैसा कि आप सभी ने देखा होगा.. आम तोर पे लगभग १० मे से ९ लोग शेर-ओ-शायरी के शोकीन होते हैं..
उन ९ लोगों मे से मैं भी एक हूं.. एक अच्छा शेर मेरे लिये एक अच्छे दिन की शुरुवात होता है.. ![]()
मैं भी लिखता हूं.. पर चिन्ता ना करें आपको ऐसा torture नहीं दूंगा मैं यहां पे.. इस ब्लोग पे चुने हुए अच्छे-अच्छे शेर.. शायरी.. या गीत.. लिखने के नेक इरादे से आप सभी का स्वागत करता हूं..
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