जीना तेरे बिना..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा, तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..
तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
दिल मेरा हर जगह.. बस तुझे ढूंढें यार..
झील, पर्वत, हवायें हैं मेरे गवाह..
शामें हों या सुबह.. हम तुझे ढूढें यार..
आते-जाते ये मौसम हैं सारे गवाह..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..
ये मेहफ़िल, मस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ तन्हाइयां हैं.. जायें जहां..
हां ये शहर, बस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ वीरानियां हैं.. जायें जहां..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..
दिल मेरा पागल याद में तेरी.. खोया रहे हर दम..
बिन तेरे जीना है नहीं आसां, ना है मुम्किन मेरा मरना..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..

बढ़िया गीत ढूंढ कर लाये हो.
अच्छा विन्यास है। लिखते रहें।
बहुत खूब्सूर्ती से िलखा है… ऐसे ही िलख्ते रिहये…
i need more
kya baat hi aap bahut accah likte hi aap bahut jaldi hi unnt shkar pj honge
kya baat hi aap bahut accah likte hi aap bahut jaldi hi unnt shkar pj honge
please this said only for rakesh singh pharswan
and this is my massage for you
आप सभी का शुक्रिया..
बढ़िया गीत ढूंढ कर लाये हो
aap ki kavita ki har line ik ahsas hai jo kabila tarif hai
GOOD GOOD GOOD GOOD