शेर.. शायरी.. गीत..

मेरा संग्रह.. कुछ नया-कुछ पुराना..

जीना तेरे बिना..

 tears_1.jpg

जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा, तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..
तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..

दिल मेरा हर जगह.. बस तुझे ढूंढें यार..
झील, पर्वत, हवायें हैं मेरे गवाह..
शामें हों या सुबह.. हम तुझे ढूढें यार..
आते-जाते ये मौसम हैं सारे गवाह..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..

ये मेहफ़िल, मस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ तन्हाइयां हैं.. जायें जहां..
हां ये शहर, बस्तियां सब तेरे बिन उदास..
सिर्फ़ वीरानियां हैं.. जायें जहां..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम क्यूं जियें तेरे बिन..

दिल मेरा पागल याद में तेरी.. खोया रहे हर दम..
बिन तेरे जीना है नहीं आसां, ना है मुम्किन मेरा मरना..
जरा बता रहे.. तेरे बिना जीना कुछ भी नहीं..
जीना.. तेरे बिना जीना.. मौत लगे.. हम तो जिये तेरे बिन..
आजा अब तो आजा तू कहीं से.. ये इल्तजा ले तू सुन..

जीना तेरे बिना..

March 25, 2007 - Posted by Raj Gaurav | गीत, हिन्दी | | 8 Comments

8 Comments »

  1. बढ़िया गीत ढूंढ कर लाये हो. :)

    Comment by समीर लाल | March 25, 2007

  2. अच्‍छा विन्‍यास है। लिखते रहें।

    Comment by masijeevi | March 26, 2007

  3. बहुत खूब्सूर्ती से िलखा है… ऐसे ही िलख्ते रिहये… :)

    Comment by Shikha | April 4, 2007

  4. i need more

    Comment by nilesh | June 13, 2007

  5. kya baat hi aap bahut accah likte hi aap bahut jaldi hi unnt shkar pj honge

    Comment by BABU | October 16, 2007

  6. kya baat hi aap bahut accah likte hi aap bahut jaldi hi unnt shkar pj honge

    Comment by BABU | October 16, 2007

  7. please this said only for rakesh singh pharswan
    and this is my massage for you

    Comment by rakesh | December 4, 2007

  8. आप सभी का शुक्रिया.. :)

    Comment by Raj Gaurav | December 6, 2007

Leave a comment