वो दिल ही क्या – कतील शिफ़ाई..
वो दिल ही क्या जो तेरे मिलने की दुआ ना करे..
मैं तुझको भूल के ज़िन्दा रहूं, ये खुदा ना करे..
रहेगा साथ, तेरा प्यार, ज़िन्दगी बन कर..
ये और बात, मेरी ज़िन्दगी अब वफ़ा ना करे..
ये ठीक है माना, नहीं मरता कोई जुदाई में..
खुदा किसी को, किसी से जुदा ना करे..
सुना है उसको मोहब्ब्त दुआयें देती है..
जो दिल पे चोट तो खाये, पर गिला ना करे..
ज़माना देख चुका है, परख चुका है उसे..
“कातिल” जान से जाये, पर इल्तिजा ना करे..
—कतील शिफ़ाई..
इसे “सुनें” गायक – जगजीत सिंह..

Very nice……. I love it..
keep writing..
tnx
nitin
अच्छा संग्रह है मिश्रा जी, वर्डप्रैस.कॉम पर shayari.wordpress.com नाम से चिट्ठा बनाने की कोशिश कर रहा था तो यहाँ पहुँचा। लिखते रहिए और गाते रहिए।
bahut sundar sangrh hai. dhanyvad.