शेर.. शायरी.. गीत..

मेरा संग्रह.. कुछ नया-कुछ पुराना..

क्यूं..??

just-another-minute.jpg 

यादों को अपने दिल से मिटा क्यूं नही देते..

जो जा चुका है उसको भुला क्यूं नही देते..

मुजरिम हूं मैं तेरा मुझे इतना तो बता..

खामोश खडे हो क्यूं.. मुझे सजा क्यूं नहीं देते..

उसे जिसके ज़ख्म हैं इनायत तेरी..

अगर है तुम्हारे पास, तो दवा क्यूं नही देते..

उसने तुम्हारी खातिर क्या-क्या नही किया..

तुम उसकी वफ़ाओं का सिला क्यूं नही देते..

तुम्हे मुझसे मोहब्बत है, जानता हूं मैं..

येह बात खुद तुम मुझे, बता क्यूं नही देते..

अनमोल खजाना है, मुस्कुराहट तेरी..

थोडा सा मुझपे इसे लुटा क्यूं नही देते..

एक अरसा हुआ सोये हुये..

मेरी नींद, मेरा चैन, मुझे लौटा क्यूं नही देते..

——————————————————Author Unknown..

September 4, 2006 Posted by Raj Gaurav | शायरी | | No Comments Yet