भीगी-भीगी सी हैं..
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भीगी-भीगी सी हैं, रातें भीगी-भीगी, यादें भीगी-भीगी, बातें भीगी-भीगी.. आखों मे कैसी नमी है..
सपनॊं का साया, पलकों पे आया, पल में हंसाया, पल में रुलाया.. फ़िरभी ये कैसी कमी है..
आधी-आधी जागीं, आधी-आधी सोयीं, आंखें तेरी ये लगता है रोयीं.. ले करके नाम हमारा..
रूठा-रूठा रब, छूटा-छूटा सब, टूटा-टूटा दिल, तेरे बिना अब.. कैसे हो जीना गवरा..
ना जाने कोई.. कैसी है ये ज़िंदगानी.. ज़िंदगानी..
हमारी अधूरी कहानी..